राजस्थान विधानसभा चुनाव जीतने का ये है कांग्रेस का फॉर्मूला!

अशोक गहलोत के साथ-साथ कांग्रेस सचिन पायलट को ही लेकर चल रही है. वजह साफ है अनुभव और युवा जोश. अशोक गहलोत के पास राजस्थान में शासन का अच्छा खासा अनुभव है, तो सचिन पायलट युवा वोटर्स को आकर्षित करते हैं.
राजनीति के बारे में सबकुछ अनिश्चित होता है. इसमें एक रणनीति से आप कुछ जंग हारते हैं, तो उसी रणनीति से कुछ लड़ाई फतह भी करते हैं. लेकिन राजस्थान में कांग्रेस पार्टी इसका अपवाद है. साल 2003 के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से कांग्रेस यहां नेतृत्व के लिए जद्दोजहद कर रही है. ऐसे में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने इस बार जब राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भरोसा जताया, तो कांग्रेस को भी इसपर सहमति देनी पड़ी.
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राजस्थान विधानसभा चुनाव जीतने का ये है कांग्रेस का फॉर्मूला!
हालांकि, अशोक गहलोत के साथ-साथ कांग्रेस सचिन पायलट को ही लेकर चल रही है. वजह साफ है अनुभव और युवा जोश. अशोक गहलोत के पास राजस्थान में शासन का अच्छा खासा अनुभव है, तो सचिन पायलट युवा वोटर्स को आकर्षित करते हैं. यही वजह है कि कांग्रेस पूर्व सीएम अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के लिए फिल्डिंग कर रही है. बता दें कि राजस्थान में 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है
कांग्रेस आलाकमान को ये लगने लगा कि पांच राज्यों में राजस्थान ही एक ऐसा राज्य है, जहां पार्टी सोशल सेक्टर स्कीम और सूखा प्रबंधन के मु्द्दों पर चुनाव जीत सकती है, क्योंकि मुख्यमंत्री रहते हुए अशोक गहलोत ने इनपर काफी काम किए थे. यही वजह है कि सोनिया गांधी ने अशोक गहलोत पर भरोसा जताया
राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा सवाल ये है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सीएम का चेहरा कौन हैं? चुनाव खत्म होने तक ये सस्पेंस बरकार रहने वाला है. पार्टी के संगठन महासचिव और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बुधवार को खुद और पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट के चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए प्रदेश की सियासत में फिर से हलचल पैदा कर दी है. गहलोत सरदारपुरा से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि पायलट टोंक से चुनावी मैदान में हैं.
दरअसल, अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों ही राजस्थान में कांग्रेस के कद्दावर और लोकप्रिय नेता हैं. दोनों ही नेता प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार भी हैं. ऐसे में दोनों दिग्गज नेताओं का विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला काफी अहम हो सकता है. प्रदेश में बीजेपी सरकार के खिलाफ जिस तरह से लोगों के बीच असंतोष है, उसे कांग्रेस इस बार के चुनाव में पूरी तरह से भुनाने की कोशिश कर रही है.
यहां देखें- राजस्थान कांग्रेस की पहली लिस्ट में कहां से कौन हैं उम्मीदवार?
एक तरफ जहां बीजेपी की ओर से वसुंधरा राजे पार्टी की नेता हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से अभी इस बात का ऐलान नहीं किया गया है कि प्रदेश में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन है? लेकिन जिस तरह से दोनों ही उम्मीदवारों ने जिस तरह से चुनाव लड़ने का फैसला लिया है, उसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि गहलोत और पायलट दोनों ही मुख्यमंत्री पद की रेस में बराबरी से बने हुए हैं. पार्टी का कहना है कि अगर चुनाव में सभी समीकरण सही बैठे और कांग्रेस की वापसी हुई, तो सीएम का ताज किसके सिर सजेगा, इसका फैसला नतीजे आने के तुरंत बाद कर दिया जाएगा.

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