खत से फंसा राम रहीम छत्रपति ने छापी चिट्ठी फिर मर्डर हो गया

28 अगस्त 2017 को सीबीआई अदालत ने राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी। राम रहीम फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। जिसकी सुनवाई सीबीआई कोर्ट में चल रही है।
Daily News Online (10 जनवरी)
साध्वी रेप केस के मामले में जेल में बंद जज गुरमीत राम रहीम को राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पत्रकार राम चैन छत्रपति हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। यह पंचकूला में हाई अलर्ट है। यहां धारा 144 लगा दी गई है।
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बता दें पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने राम रहीम की सच्चाई को पूरी दुनिया के सामने लाया था। उन्होंने अपने अखबार ‘द कम्प्लीट ट्रुथ’ में सिरसा में दो साध्वियों के साथ बलात्कार की खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद राम रहीम के लोगों ने पत्रकारों को रामचंद्र छत्रपति को धमकियां दीं। इसके बावजूद पत्रकार राम चंद्र छत्रपति बोल्ड थे और राम रहीम के खिलाफ लिखते रहे

फिरहोगया

रामचंद्र छत्रपति सिरसा में ‘फुल ट्रुथ’ समाचार पत्र प्रकाशित करते थे। रामचंद्र छत्रपति में डेरे के खिलाफ खबर छापने की हिम्मत थी। 13 मई 2002 को देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखे गए एक पत्र में साध्वी ने राम रहीम पर डेरा में साध्वियों का यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। यह पत्र पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश को भी भेजा गया था। लोगों के बीच पत्र की कुछ प्रतियां भी वितरित की गईं। यह पत्र राम चन्द्र छत्रपति ने अपने समाचार पत्र। पूर्ण सत्य ’में छापा था।
विश्वास करते थे कि यह आवाज आपके खिलाफ है। जिसके बाद पत्रकार छत्रपति को धमकी दी गई थी। रामचंद्र छत्रपति ने एसपी सिरसा से शिकायत की। डेरे में कुछ लोगों ने छत्रपति के खिलाफ छत्रपति पर जातिसूचक शब्द कहने का मामला दर्ज किया। हालांकि अदालत में मामला झूठा साबित होता है और खारिज कर दिया जाता है। लेकिन इसके बाद भी रामचंद्र छत्रपति को लगातार धमकियां मिलती रहीं।
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इसी बीच डेरा के मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या कर दी जाती है। रणजीत सिंह की बहन भी शिविर में साध्वी थीं और उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया था। रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार में रंजीत और उनकी बहन की खबर भी प्रकाशित की थी। 24 सितंबर 2002 को संज्ञान लेते हुए पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच का आदेश दिया।
सीबीआई जांच के आदेश के एक महीने बाद यानी 24 अक्टूबर 2002 को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। छत्रपति ने पांच शूटरों को घर से बाहर निकाल दिया था। छत्रपति को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया जहां 21 नवंबर को उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने जांच में छत्रपति को गोली मारने वाले एक आरोपी को पकड़ा। जिसने पूछताछ में बताया कि वह शिविर में एक साधु है। रिवॉल्वर शॉट डेरे के एक प्रबंधक की लाइसेंसी रिवॉल्वर थी। पुलिस ने आरोपी से एक वॉकी टॉकी भी बरामद किया जो डेरा के नाम से पंजीकृत था।
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गिरफ्तारी के आरोपियों की निशानदेही पर डेरा के दूसरे आरोपी साधु को भी गिरफ्तार किया गया। परिजनों ने तत्कालीन सीएम ओपी चौटाला को पत्र लिखकर जांच पर सवाल उठाए। लेकिन जब सरकार को जवाब नहीं मिला तो परिवार जनवरी 2003 में उच्च न्यायालय में चले गए। परिवारों ने उच्च न्यायालय में एक जिम्मेदार एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
नवंबर 2003 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रंजीत मर्डर केस और छत्रपति मर्डर केस की जाँच सीबीआई को सौंप दी। जांच में सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को दोनों हत्याओं का मुख्य अपराधी माना और 31 जुलाई 2007 को सीबीआई ने साध्वी यौन उत्पीड़न रंजीत मर्डर केस, छत्रपति मर्डर केस में चालान दायर किया। 25 अगस्त 2017 को सीबीआई कोर्ट ने साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को दोषी करार दिया। 28 अगस्त 2017 को सीबीआई अदालत ने राम रहीम को 20 साल की सजा सुनाई थी। राम रहीम फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। इस दौरान राम रहीम पर भतीजे को भतीजा बनाने का भी आरोप लगा था जिसकी सुनवाई सीबीआई कोर्ट में चल रही है।
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